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शिमला के मतियाना में पर्यटक और स्थानीय लोगों में मारपीट, नकली पिस्तौल से धमकाने का आरोप

मतियाना बाजार में ओवरटेक और टक्कर को लेकर पर्यटकों व स्थानीय लोगों में विवाद, हाथापाई तक पहुंचा मामला
पिस्तौल जैसी वस्तु दिखाकर लोगों को डराने की कोशिश, जांच में चीनी लाइटर निकला
पुलिस ने नाका लगाकर ऑडी कार रोकी, दो आरोपियों को हिरासत में लेकर एफआईआर दर्ज की



शिमला जिले के मतियाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली से आए दो पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच सड़क पर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मामला गलत तरीके से ओवरटेक करने और एक स्थानीय व्यक्ति को कथित टक्कर मारने से शुरू हुआ। मामूली कहासुनी देखते ही देखते हाथापाई और मारपीट में बदल गई, जिससे बाजार क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान पर्यटकों में से एक युवक ने पिस्तौल जैसी दिखने वाली वस्तु निकालकर स्थानीय लोगों को डराने और धमकाने की कोशिश की। इस घटना के बाद बाजार में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन तनाव लगातार बढ़ता रहा।

घटना की सूचना मिलते ही ठियोग पुलिस थाना सक्रिय हुआ। शाम करीब 5:50 बजे पुलिस को सूचना मिली कि दिल्ली नंबर की एक ऑडी कार में सवार दो पर्यटक मतियाना बाजार में झगड़े के बाद फरार होने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने तुरंत प्रेमघाट चौक, ठियोग में नाका लगाया और संदिग्ध वाहन को रोक लिया।

तलाशी के दौरान बरामद की गई पिस्तौल जैसी वस्तु की जांच की गई तो वह असल में एक साधारण चीनी निर्मित लाइटर निकली। हालांकि, पुलिस ने इसे लोगों में भय फैलाने और कानून-व्यवस्था भंग करने की गंभीर कोशिश माना है।

पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान उज्ज्वल जैन, पुत्र राज कुमार जैन, निवासी पंजाबी बाग, सहारनपुर और सोहिल अरोड़ा, पुत्र सुरेंद्र अरोड़ा, निवासी वसंत विहार, दिल्ली रोड, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। दोनों को हिरासत में लेकर वाहन समेत कब्जे में लिया गया है।

शिमला पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने जानबूझकर स्थानीय लोगों को डराने के उद्देश्य से इस वस्तु का इस्तेमाल किया।

इस घटना ने एक बार फिर पर्यटन सीजन के दौरान सड़क सुरक्षा और पर्यटकों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बाजार क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि इस तरह की घटनाओं पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।